हिन्दू नववर्ष का करें स्वागत
रायपुर । अति प्राचीन सनातन वैदिक कालगणनानुसार वर्तमान युग कलियुग के नाम से जाना जाता है । महाभारत युध्द के36 ङ्गङ्ढ वर्ष बाद प्रारंभ हुए कलियुग के 5108 वर्ष बीत चुके हैं । और चार लाख छब्बीस हजार आठ सौ बयानबे वर्ष अभी बाकी हैं । सृष्टि की उत्पत्ति के दिन से नवीन वर्ष का प्रारंभ होता है । इसे संवत् कहा जाता है । वैदिक काल से कालगणना सूर्य, चन्द्रमा और ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति के आधार पर की जाती है । हिन्दू नववर्ष की शुरुआत चैत्र शुक्ल पक्ष ङ्क र्ड्डैऊछझलद्म अंग्रेजी वर्ष 2007 के माह मार्च की19 तारीख से हो रही है । read more »
मूल्यवान लक्ष्य की लगातार प्राप्ति का नाम ही सफलता है ।
1. अपनी पूरी जिम्मेदारी अपने आप उठाना ।
2. सर्वांगपूर्ण योजना बनाना ।
3. प्राथमिकता के आधार पर कार्य का निर्धारण करना ।
4. विजेता के समान सोचना ।
5. दूसरों की सुनने की समझदारी पैदा करना ।
6. सच्चा तालमेल रखना ।
7. सदैव नयापन बनाए रखना । read more »
श्री पाण्डेय ने अपने आगामी कार्यक्रमों में संगठन को सर्वोच्च मानते हुए संगठन द्वारा दी जाने वाली जिम्मेदारी के लिए सदैव तैयार रहने की बात कही । उन्होंने वर्तमान में प्रगति की राह में सबसे बड़े रोड़ा बन रहे भ्रष्टाचार एवं नक्सली समस्या के उन्मूलन के लिए गांधीवादी तरीके से जनजागरण अभियान चलाने की तैयारियों की घोषणा की ।
विप्र समाज के गौरव के रूप में स्थापित पंडित वीरेन्द्र पाण्डेय अपनी कार्यशैली से सदैव न केवल सुर्खियों में रहते हैं वरन आम विप्र जनों को गौरान्वित करते हुए आम जनता के बीच लोकप्रिय है । read more »
माह मार्च एवं अप्रैल पूरे घर परिवार क लिये बड़े की रोमांचकारी होते हैं । टी.वी. के स्थान पर पाठ्य पुस्तकें और खेल तमाशों की जगह गणित, अंग्रेजी, विज्ञान आदि विषय प्रमुखता पाते हैं । केवल नौनिहालों की नींद हराम हो जाती है बल्कि मम्मी भी चाय बनाकर देने के लिये अपनी रातें जाग-जाग कर काट देती है । read more »
सीमित वर्षो में नहीं आंका जा सकता है माना भी नहीं जा सकता क्योंकि लोकतंत्र कें प्रतिनिधि राष्ट्रफ्रांस, अमेरिका, ब्रिटेन जो हमसे हमारी लोकतांत्रिक आयु में बहुत पुराने हैं वहां लोकतंत्र का संदर्भ वहां के स्थानीय विषयों को लेकर प्रभावित अप्रभावित होते रहते हैं ऐसा ही एक महत्वपूर्ण उदाहरण का जिक्र अमेरिका के संबंध में करना प्रासंगिक लग रहा है गर्वनर के चुनाव होने थे, हालीवुड के प्रसिध्द अभिनेता अरनाल्ड स्वाजनेगर जिनका संबंध आस्ट्रिया यूरोपीय देश से है ने चुनाव जीतने के लिए संवेदनशील विषय उठाए व जीत भी दर्ज की कहने का आशय सिर्फ इतना है कि लोकतंत्र के राग को अलापने वाले ये देश चुनाव को जीतने के लिए हर संभव कदम उठाने से पीछे नहीं हट रहे हैं ऐसे समय में हमारे देश में प्राचीन समय को तो सभा समिति का शासन पर, एकाधिकार रहता था वहीं इसके बाद के कालखंडों में राजशाही हावी होती चली गई लोकतंत्र के जिस स्वरुप की कल्पना हम करते हैं उसमें आज की सामंतशाही, राजशाही, पृथक्करण की भावना, भाषाई दबाव, राज्यवार श्रेष्ठता आदि अनेक बाधाएं हैं जो इसके स्वस्थ स्वरुप को बनने में बाधा पहुंचा रही है । read more »
श्री रामजानकी मंदिर परिसर, आलोपी नगर टाटीबंध रायपुर में ''दक्षिण मुखी हनुमान जी'', ''माँ शेरावाली माता'' के मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा तथा शिवलिंग व भैरवनाथ के चबूतरा निर्माण के पूजन समारोह का आयोजन हुआ । प्रमुख कार्यक्रम में पीठकाओं की पूजा, जलाधिवास, अन्नाधिवास, शैय्याधिवास को प्राण प्रतिष्ठा, हवन पूजा एवं भोग भण्डारा का कार्यक्रम संपन्न हुआ । इस अवसर पर अध्यक्ष रामस्वरुप शर्मा, संरक्षक प्यारेलाल शर्मा, एवं पंजाबी ब्राह्मण समाज एवं शहर के प्रमुख विप्र जन श्री उमाशंकर मिश्रा, श्री श्याम लाल शर्मा आदि लोग उपस्थित थे ।
कर्मकांड से जुड़ी अनेक प्राचीन पांडुलिपियां ग्राम सरिया के हरिबंधु महापात्र के यहां प्राप्त हुई । 83 वर्षीय हरिबंधु महापात्र ज्योतिषाचार्य के यहां उनके परिजन सत्यनारायण महापात्र गोपाल कृष्ण महापात्र ने करीब 200 से 400 वर्ष प्राचीन पांडुलिपियां में संग्रहित तालपत्र के उड़िया भाषा में हस्तलिखित ग्रंथों को उपलब्ध कराया । एक ही परिवार में एक साथ इतनी मात्रा में सुरक्षित रखे गये पांडुलिपियों को देखकर महापात्रे परिवार के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया । read more »
आदरणीय महोदय, निवेदन है कि 22-01-07 को 151/- साल का शुल्क भेज दिया है । आप लोग भगवान परशुराम जी की जयन्ती मना रहे हैं । बड़ा अच्छा कार्यक्रम है, प्रशंसनीय हैं, किन्तु आजकल आधे अधूरे नाम से लोग चल पड़ते हैं जो कि पूजा का विधान नहीं है । इन्होंने 21 बार पृथ्वी से दुष्ट राजाओं का वध करके सारी भूमि ब्राह्मणों को दान कर दी । दान की हुई वस्तु उपयोग करना पाप ही नहीं महापाप है, अतएव इनकी मूर्ति नहीं लगायी जा सकती । जो लगाने का प्रयत्न करेगा वह महापतित होगा । मूर्ति का आधार तो पृथ्वी ही होगी । इसलिए आप इस जयन्ती पर विशेष ध्यान रखें । हमें उनसे प्रेरणा तपस्या की लेनी चाहिए । read more »
अस्मै समर्पित: सर्वे ये गुणा मयि संस्थिता: ।
पुरुषोत्तमेति मन्नाम प्रथितं लोकवेदयो: ।
अहमेवास्य संजात: स्वामी च मधुसूदन: ॥ read more »
Vipra Varta Comments Recent
1 day 18 hours ago
3 weeks 4 days ago
3 weeks 5 days ago
4 weeks 14 hours ago
4 weeks 2 days ago
4 weeks 4 days ago
6 weeks 1 day ago
6 weeks 1 day ago
6 weeks 2 days ago
7 weeks 4 days ago