मई-2009

विप्र समाज द्वारा परशुराम की शोभायात्रा निकाली गई

तिल्दा नेवरा । बैकुण्ठ में विप्र समाज द्वारा भगवान परशुराम जी की शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा शाम6 ङ्ढ बजे से सीमेन्ट संयंत्र के हनुमान मंदिर से भगवान परशुराम जी की शोभा.यात्रा बड़े हर्षोल्लास के सात निकाली गई ।  read more »

परशुराम जयंती पर निकली शोभायात्रा

नगरी । रविवार को सप्त ॠषि ब्राह्मण समाज नगरी द्वारा भगवान परशुराम की जयंती धूमधाम से मनायी गई । इस अवसर पर समाज द्वारा भव्य शोभायात्रा निकालकर पूरे नगर का भ्रमण किया गया । पुरे दिवस अनुष्ठान संपन्न कराए गए । इस अवसर पर समाज के नवन  read more »

ऐतिहासिक शोभायात्रा निकली

बिलासपुर । सर्व विप्र समाज द्वारा परशुराम जयंती बड़ी धूमधाम से मनाई गई । भगवान परशुराम जयंती आयोजन समिति द्वारा समग्र विप्र समाज के साथ परशुराम जी की शोभायात्रा निकाली गयी । हजारों की संख्या में विप्र महिला पुरूष व बच्चों ने हिस्  read more »

छत्तीसगढ़ के विकास में ब्राह्मणों का योगदान रहा : बद्रीधर

रायपुर । भगवान परशुराम जयंती पर एक शोभा यात्रा निकाली गई । ब्राह्मण समाज के विभिन्न संगठनों ने इसमें हिस्सा लिए । छत्तीसगढ़ी ब्राह्मण समाज केन्द्रीय समिति के द्वारा इसका आयोजन किया गया ।

परशुराम जयंती के महत्व पर प्रकाश डालते हुए प्रदेश में समग्र ब्राह्मणों की एकता पर बल दिया । राजधानी के ब्राह्मणों ने परशुराम के जय घोष के साथ आजाद चौक से तात्यापारा चौक ,कंकाली अस्पताल होकर वापस शहर का भ्रमण करते हुए आमसभा स्थल आर.डी. तिवारी स्कूल पहुंचे जहां पर सभा में विधायक बद्रीधर दीवान ने शांत प्रदेश छत्तीसगढ़ के विकास में ब्राह्मणों के योगदान पर प्रकाश डाला । उन्होंने कहा कि यहा ंपर समाज के बड़े नेताओं के सहित समाज सेवक दिए हैं । जिन्होंने प्रदेश के विकास में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। छत्तीसगढ़ में भी प्रांत के बाह्मण एक साथ रहकर अपने सामाजिक दायित्वों को निभा रहे हैं । अन्य वक्तां नेकहा कि आने वाले समय मेंसमाज की एकजुटता के सात अपने बुध्दि कौशल के बल पर इसी तरह कायोगदान देना होगा । सभा में महंत रामसुन्दर दास, अमितेष शुक्ला, विधान मिश्रा उपस्थित थे। रविशंकर शुक्ल तथा कुशाभाऊ ठाकरे के कुलपति द्वय डॉ. एस.के. पाण्डेय तथा सच्चिदानंद जोशी ने भी अपने विचार रखे ।  read more »

अक्षय तृतीया व्रतानुष्ठान पर्व

यह पर्व वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाया जाता है । इस तिथि को किया गया दान, स्नान, जप, यज्ञादि शुभ कार्यों का फल अनन्त गुना होकर मानव के धर्म खाते में अक्षुण्य (अक्षय) हो जाता है । इीस से इसका नाम अक्षय तृतीया हुआ ।
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श्राध्द व मृत्यु भोजोंका बहिष्कार करें

श्राध्द व मृत्यु भोजों में लोगों को आमंत्रित किया जाता है और हमारे बन्धु इन भोजों में सम्मिलित होते हैं, परन्तु इन भोजों में सम्मिलित होना हमारे आत्म गौरव, मानवता एवं सामाजिक सहानुभूत के विरूध्द है । इस मृत आत्मा के श्रध्  read more »

प्रदेश का आयोजन उपलब्धिपूर्ण - राजधानी में गरिमानुकूल नहीं

भगवान परशुराम प्रतिमा स्थल पर हवन-पूजन

रायपुर । समग्र ब्राह्मण महासभा छत्तीसगढ़ सर्वब्राह्मण युवा परिषद एवं विप्र वार्ता पत्रिका के संयुक्त तत्वावधान में भगवान परशुराम जयंती समारोह का आयोजन अक्षयतृतीया पर प्रात:10 बजे परशुराम चौक द्वारा स्टेडियम के समक्ष स्थापित मूर्ति स्थल पर अमृतलाल बिलथरे के नेतृत्व में पूजा अर्चना की गई है । इसके पश्चात अंबा देवी मदिर स्थित विप्र वार्ता कार्यालय में हवन पूजन के पश्चात प्रसाद वितरण किया गया ।

इस अवसर पर कान्यकुब्ज समाज से वरिष्ठ पाण्डेय छत्तीसगढ़ ब्राह्मण समाज से डॉ. प्रकाश नारायण शुक्ल, सनाडय ब्राह्मण मसाज से अमृतलाल बिलथरे, शाकड़ीषीम ब्राह्मण समाज से शैलेन्द्र शर्मा, सरयूपारीण ब्राह्मण समाज से दशरथ पसाद शुक्ल, बंगाली ब्राह्मण से श्रीमती ममता राय, गुजराती ब्राह्मण समाज से श्रीमती सुधा जोशी सहित अजय मिश्रा, श्रीमती सुनीता चंसौरिया, रामजी पांडेय अश्विनी दुबे, धनंजय त्रिपाठी, मुकेश शर्मा, हेमंत तिवारी, रामकिशन शर्मा, रामेश्वर शर्मा एवं बड़ी संख्या में विप्रजन उपस्थित थे ।

अक्षय तृतीया एवं परशुराम जयंती पर ब्राह्मण समाज के सदस्यों द्वारा पूजा अर्चना कर भगवान परशुराम जी का स्मरण किया गया । इस अवसर पर पंडित निलेश शर्मा नेमंत्रोच्चार् षेमलउज्ज्लद्म से पूजा सम्पन्न करवाई । कार्यक्रम में विप्र मंच के पदादिकारी व सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित थे । भगवान परशुराम जी पर जीवन में प्रकाश डालते हुए अनिल द्विवेदी, पुष्पमित्र पाण्डे, योगेश मिश्र आदि ने विचार प्रस्तुत किए । इस अवसर पर नागेन्द्र पांडेय, राघवेन्द्र पांडे, प्रशांत नीरज ठाकुर, देवमणि पांडे, अनिल द्विवेदी, हिमांशु व्यास, सुबीर भट्टाचार्य, रोहित द्विवेदी, ललित मिश्र, अनुराग मिश्र, मनोज शर्मा पुष्पमित्र पांडे, सचिव प्रशांत नीरज ठाकुर आदि उपस्थित थे ।

नृसिंह जयन्ती

भक्तप्रह्लाद द्रह्लर्लै की मान - मर्यादा की रक्षा हेतु वैशाख शुक्ल चतुर्दशी के दिन भगवान नृसिंह के रूप में प्रकट हुए थे । इसलिए यह तिति एक पर्व के रूप में मनायी जाती है ।  read more »

भगवान परशुराम की वर्तमान में प्रासंगकिता

भगवान परूशराम ब्राह्मणों के आदर्श हैं वे भारत वर्ष के सभी क्षेत्रों के ब्राह्मणों के गुरू सदृश्य हैं । ब्राह्ममण उन्हें भगवान विष्णु का अवतार मानते हैं । परूश नामक एक अबोध अस्त्र को धारण करने केकारण उनका नाम परमेश्वरराम  read more »

बाह्मण उद्यम द्वारा अपनी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने का संकल्प लें

सहस्त्राब्दियां बी गई, ब्राह्मण केवल भिक्षावृत्ति तथा दानवृत्ति के सहारे पलते बढ़ते रहे । इससे आगे बढ़कर उन्होंने अपने योगक्षेम के विषय में और कुछ नहीं सोचा । उनके लिए केवल मात्र आदर्शसूत्र था बामन को धन केवल भिक्षा इसको ए  read more »

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