
दिखावे और खुद को दुसरों से बड़ा दिखाने की मानसिकता के कारण मृत्यु भोज पर होने वाले खर्च भी तेजी से बढ़ रहा है। मारवाड़ी ब्राम्हण समाज द्वारा इस समाजिक बुराई को बंद करने की पहल की गई है।महिला संगठन ने भी समाज की इस बुराई को समाप्त करने अपनी भूमिका तय की है। समाज के सचिव श्रवण चतुर्वेदी के अनुसार पुरूष एवं महिला संगठन ने मिलकर यह निर्णय लिया है। समाज के परशुराम भवन में संपन्न बैठक में निर्णय लिया गया कि समाज के किसी भी परिवार में मृत्यु होने पर धार्मिक गतिविधिया पुरी की जायेंगी परंतु किसी भी तरह का भोज नहीं होगा। समाज के आर्थिक दृष्टि से कमजोर परिवारों को दिखावे एवं परंपरा निर्वहन के कारण कर्जा लेकर भोज कराने से इन्हे परेशानी का सामना करना पड़ता है। बैठक में संरक्षक मुरारीलाल शर्मा अध्यक्ष हरिदत्तशर्मा ब्रजमोहन शर्मा , ओमप्रकाश शर्मा , प्रमोद लाटा , सीताराम माटेलिया, बिष्णु शर्मा , संदीप शर्मा एवं महिला संगठन के अध्यक्ष प्रेमलता शर्मा , शारदा चतुवेZदी, विमलाशर्मा पुष्पा उमा शर्मा , राजकुमारी,रेणु नेहा, सरोजशर्मा , सहित बड़ी संख्या में सदस्य उपस्थित रहें।
कान्यकुब्ज ब्राम्हण समाज बिलासपुर के तीनों संगठनों ने भी एक बैठक कर समाज में दिखावा, आडम्बर से दूर रहने निर्णय ले कर मृत्यु भोज : बंद करने एवं धार्मिक रीवाजों को ही निभाने का निर्णय लिया गया। यह जानकारी सुदेश दुबे ने दी है