विप्र वार्ता के प्रधान संपादक श्री शैलेन्द्र शर्मा का स्वर्गवास 7 फरवरी को शाम 4.30 बजे स्थानीय मेकाहारा अस्पताल में हो गया । श्री शर्मा के दो माह पूर्व पिता जी एवं 5 माह पूर्व माताजी का देहांत हुआ था । नियति के आगे हम सब नतमस्तक है ।
श्री शर्मा लंबे समय से ब्राहमण समाज के संगठन के लिए प्रयासरत थे उनका चिंतन विचार हम सभी के प्रेरणादायी रहा ।
विप्र वार्ता का मार्च माह का अंक हम अपने प्रिय साथी को समर्पित करने जा रहे हैं जो अपने पीछे पत्नी श्रीमती संगीता पुत्र स्वप्निल एवं दो पुत्रिया साक्षी, समिक्षा छोड़ गए हैं ।
हम इस अंक के माध्यम से श्री शर्मा के कार्यों पर चर्चा करते हुए उनकी स्मृति संजोये लेख एवं विज्ञापन आमंत्रित करते हैं ।
आपका विज्ञापन बच्चों के भविष्य के लिए मील का पत्थर होगा और यही हमारा सामाजिक कर्तव्य और दायित्व भी है ।
विप्र समाज से अपील है कि वे अपने संस्मरण, लेख, आदि के शीघ्र प्रेषित करे ताकि मार्च का अंक प्रथम सप्ताह में प्रकाशित किया जा सके ।
अजय त्रिपाठी, अध्यक्ष