ब्राम्हण समाज की मांगों के समर्थन में शंखनाद

पालमपुर। हिमाचल प्रदेश ब्राम्हण सभा द्वारा अपनी लंबित मागंो को लेकर पालमपुर में शंखनाद किया गया,वहीं प्रदेश सरकार पर उनकी मांगों को लेकर उदासीन रूख अपनाने का आरोप लगाया । ब्राम्हण सभा प्रदेश में ब्राम्हण कल्याण बोर्ड के गठन, भगवान परशुराम जयंती पर सार्वजनिक अवकाश की घोषणा तथा प्रत्येक जिला में कर्मकांड विद्यळालय की स्थापना के लिए भूमि की उपलब्धता करवाने के मांग कर रही है । ब्राम्हण सभा द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में सांसद डॉ. राजन सुशांत मुख्य अतिथि थे । विधायकप्रवीण शर्मा विशेष रूप से उपस्थित थे ।

इस अवसर पर डॉ. राजन सुशांत ने ब्राम्हण सभा द्वारा उठाई गई मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि ब्राम्हण समुदाय के चरित्र व संस्कृति को कुछ इतिहासकारों ने विकृत ढंग से सामने रखा है जिसके चलते समाज को संस्कारित करने वाले इस समुदाय की छवि आहत हुई है जबकि देश की क्रांति व देश के शासन प्रशासन में इस समुदाय का स्वर्णिम इतिहास रहा है । उन्होंने कहा कि मांगने की अपेक्षा स्वयंं संगठित होकर अपनी शक्ति जुटाने का कार्य समाज को करना होगा ताकि शासन व प्रशासन स्वयं समुदाय की मांगों का प्रमुखता से निवारण कर सके । राजन सुशांत ने कहा कि यदि सरकार भूमि के लिए लीज जारी नहीं करती है तो समुदाय सरकार की ओर न देख अपने प्रयासों से भूमि क्रय करे जिसके लिए वह अपनी ओर से एक लाख की धनराशि देने को तैयार है ।

इससे पूर्व विधायक प्रवीण शर्मा ने कहा कि ब्राह्मण सभा द्वारा उठाई गई मांगों को सरकार के समक्ष रखेंगे ताकि इनका निवारण किया जा सके । इससे पूर्व ब्राम्हण सभा के महामंत्री शिव प्रसाद वासुदेव व जिला अध्यक्ष प्रीतम भारती ने कहा कि ब्राम्हण समुदाय की उपेक्षा के कारण समाज के लोग आहत है । उन्होंने आरक्षण को आर्तिक आधार प्रदान करने की मांग की ताकि इस समुदाय के निर्धन लोग भी लाभान्वित हो सके । उन्होंने प्रदेश सरकार में ब्राम्हण समुदाय से संबंधित व्यक्ति को मंत्री परिषद में स्थान न दिए जाने के लिए प्रदेश सरकार को कटघरे में खड़ा किया । इससे पूर्व ब्राम्हण सभा द्वारा पालमपुर नगर में रैली आयोजित की गई जिसमें अपनी मांगों के समर्थन में शंखनाद किया गया ।

सम्मेलन में डॉ. राजन सुशांत ने अपनी सांसद निधि से पौने 14 लाख की धनराशि देने की घोषणा की । इससे पूर्व भी डॉ. सुशांत अपनी सांसद निदि से सवा 11 लाख की धनराशि दे चुके हैं ।
विनायक शर्मा (हिमाचल)