राजिम कूंभ के आखिरी दिन महाशिवरात्रि पर्व पर राजिम के त्रिवेणी संगम पर लाखों श्रध्दालुओं ने डुबकी लगाई । राजिम कूंभ के संत समागम मे पधारे साधु-संतों ने उनके लिए बने विशेष कूंड में शाही स्नान किया । शाही स्नान से पहले संत समागम स्थल से नवापारा और राजिम से होते हुए कूंड तक साधु संतो की भव्य शोभायात्रा निकली । संस्कृति मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, साधु संतों के साथ शोभायात्रा में शामिल होकर शाही स्नान स्थल पर पहुंचे । श्री अग्रवाल ने भी संगम में डुबकी लगाई । शोभायात्रा कुलेश्वर महादेव मंदिर के पास बने संत समागम स्थल से शुरु हुई वहां से बेलाही घाट, नवापारा के सोमवारी बाजार, पंजवानी चौक, महावीर चौक, नेहरु घाट, इंदिरा मार्केट, महानदी पुल, श्री राजीव लोचन मार्ग से गुजरते हुए शाही स्नान कूंड स्थल पर पहुंची । शोभायात्रा में साधु-संतों की टोली पारंपरिक वेशभूषा में घोड़े-बग्घी और अखाड़ों के ध्वजों एवं निशानों के साथ शामिल हुई । पूरे मार्ग में लोगों ने शोभायात्रा में शामिल साधु-संतों का अभिनंदन किया । पूरा त्रिवेणी संगम स्थल, नवापारा और राजिम हर-हर महादेव कुलेश्वर महादेव की जय, राजीव लोचन भगवान की जय के उद्धोष से गुंजायमान होता रहा ।
शोभायात्रा में नागा साधुओं का दल सबसे आगे रहा । उसके बाद अन्य साधु-संत शोभायात्रा में शामिल हुए । संत समागम में आए विभिन्न अखाड़ों के महंत और अन्य साधु शोभायात्रा के साथ शाही स्नान कूंड तक गए । शोभायात्रा के दौरान नागा साधु बीच-बीच में अपनी सिध्दि और शक्ति की कला का प्रदर्शन करते रहे । शाही स्नान में सबसे पहले नागा साधुओं ने स्नान किया । इनमें सबसे पहले जूना अखाड़्ा, निरंजनी अखाड़ा, निर्वाणी अखाड़ा, आनंद अखाड़ा, अटल अखाड़ा, वैष्णव अखाड़ा फिर उदासी अखाड़ा के साधुओं ने स्नान किया । इसके बाद अन्य साधु-संतों ने कूंड में डुबकी लगाई ।
संस्कृति मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने भी शोभायात्रा में शामिल होकर श्रध्दालुओं का उत्साहवर्धन किया । श्री महंत रामाश्रय दास महाराज अखिल भारतीय पंच निर्मोही अनी अखाड़ा चित्रकूट, श्री महंत रामजी दास महाराज श्री पंच रामनंदी संतोषी अखाड़ा चित्रकूट, महंत रामस्वरुप महाराज, श्री पंच रामनंदी संतोषी अखाड़्ा अयोध्या, महंत श्री शत्रुघन दास जी महाराज अखिल भारतीय पंच दिगंबर अनी अखाड़ा चित्रकूट, स्वामी सत्यानंद सरस्वती अखाड़ा हरिद्वार, स्वामी कृष्णधाम खरखड़ी हरिद्वार, ओलागिरी मंडल अद्वैत अखाड़ा हरिद्वार, पंच अग्नि अखाड़ा हरिद्वार निरंजनी अखाड़ा इलाहाबाद, अग्नि अखाड़ा चित्रकूट, पंच दसनाम अखाड़् वाराणसी, पंचायती आनंद अखाड़ा नासिक, पंचायती अखाड़ा हरिद्वार, बलरामपुरी महाराज हरिद्वार, स्वामी ताराचंद सरस्वती महाराज बंगाल, कबीर आश्रम इलाहाबाद, सर्वेश्वर दयाल निर्वाणी अखाड़ा वृंदावन, जटिल सन्यास अखाड़ा गुजरात, पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासी इलाहाबाद, अटल अखाड़्ा, वैष्णव अखाड़ा, वल्लभाचार्य के वंशज द्वारकेश लाल आश्रम मुंबई के महंत और साधु संत शोभायात्रा और शाही स्नान में
शामिल हुए ।
साधु-संतो की शोभायात्रा और शाही स्नान के मद्देनजर प्रशासन द्वारा समुचित प्रबंध किये गये थे । विशेष रुप से यातायात, सुरक्षा और चिकित्सा सुविधा के लिए पर्याप्त व्यवस्था क गई थी । श्री बृजमोहन अग्रवाल बीती रात राजिम कूंभ स्थल में रुके रहे और पूरी व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे । उन्होंने देर रात्रि अधिकारियों की बैठक लेकर महाशिवरात्रि एवं राजिम कूंभ के समापन समारोह के आयोजन के संबंध में जरुरी निर्देश दिये ।
त्रिवेणी संगम स्थल पर महाशिवरात्रि पर्व का पुण्य स्नान करने भोर से ही श्रध्दालुओं का तांता लगा रहा । अनेक श्रध्दालुओं ने मम फरवरी महाशिवरात्रि की तिथि प्रारंभ होते ही संगम में स्नान कर लिया । राजीव लोचन मंदिर, कुलेश्वर मंदिर, लोमष ॠषि आश्रम, तथा नवापारा और राजिम के अन्य मंदिरों में दिन भर श्रध्दालुओं की भीड़ रही । पूरे छत्तीसगढ़ के साथ-साथ मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश तथा उड़ीसा के भी श्रध्दालुजन महाशिवरात्रि के पुण्य स्नान में शामिल हुए ।