आरक्षण

आरक्षण के खिलाफ मोर्चा

विश्व ब्राहमण संघटन ने पदोन्नति में आरक्षण के खिलाफ मोर्चा खोला है ये बहुत ही गंभ्भीर मुद्दा है बार बार बैशाखी दे कर देश को कमजोर करने की साजिश है , योग्यता के बल पर भारत दुनिया का सिरमोर्य है

उन्नत ब्राह्मण समाज की रचना करें

हिन्दु संस्कृति प्राचीन काल से उत्तम ज्ञान की श्रेष्ठम संस्कृति रही है जिसका श्रेय हमारे पूर्वज ऋषि मुनियों को जाता है । जिन्होंने युगों युगों तक हिमालय की गोद में रह कर जप, यज्ञ, अनुष्ठान आदि द्वारा तपस्यारत रह कर उस परम ज्ञान रूपी ब्रह्म सत्य को जान कर उपनिषदों, पुराणों जन कल्याणार्थ हमें दिय

आरक्षण -सत्यानाश

आरक्षण के कारण फिर एक मासूम चढ़ा बलि की बेदी पर, ख़ूनी आरक्षण ने फिर एक निर्दोष का क़त्ल कर दिया, और इस देश की गूंगी सरकार अभी तक मूक दर्शक बनी हुयी है!

सभी जातियों के गरीबों के साथ धोखा

पंडित मदन मोहन मालवीय जी की 150 वीं जयन्ती के मौके पर सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक तीनों दृष्टि से ब्राह्मणों के लिए ही नहीं बल्कि पूरे समाज के लिए लाभदायक है आरक्षण का आर्थिक आधार पर मांग करते हैं। हमारी यह मांग समाज और सरकार को भी अन्ततोगत्वा माननी ही होगी और हमारी मांग की पूर्त्ति सिर्फ हमारे ल

धर्मान्तरितों को आरक्षण किस आधार पर ?

अयोध्या । श्री राम जन्म भूमि न्यास के वरि्ठ सदस्य एवं पूर्व सांसद डॉ.

अनुसूचित वर्ग के संवैधानिक अधिकारों का अध्ययन

राजस्थान मे गुर्जर आंदोलन पुरी तरह आरक्षण के उन लाभों पर केन्द्रित है जिसकी भारतीय संविधान में विशेष व्याख्या की गई है । अनुसूचित जनजाति के उत्थान के लिए भारत सरकार समय समय पर विशेष कार्यक्रम और योजना प्रस्तावित करती रहती है ।

महात्मा गांधी के आदर्शों सत्य,अहिंसा एवं अनुशासन

15 अगस्त 1947 देश आजाद हुआ, आजादी के दीवानों में मंगल पाण्डेय , राजगुरू, भगत सिंह , चंद्रशेखर आजाद की बलिदान के नीव पर महात्मा गांधी के आदर्शों सत्य अहिंसा एवं अनुशासन के साथ गर्म नौजवानों के जो रक्त अंग्रेजी हुकुमत को भारत छोडऩे मजबूर कर दिया, लेकिन यह एक राजनैतिक सौदा था जिसके पीछे अंग्रेजों क

किसे और कैसा आरक्षण

‎"आरक्षण की चरित्रहीन चिंता राजनीतिक हलकों में आम बात है पर किसे और कैसा आरक्षण ? उन जातियों को क्यों आरक्षण दिया जा रहा है जिनका शासन रहा है ? मुगलों ने देश पर लम्बे समय तक राज्य किया उनको कैसा आरक्षण ?

Subscribe to RSS - आरक्षण