देवउठनी

खरमास के कारण नहीं होगी शादियां

दिसंबर 2009 से अप्रेल 2010 तक गुरू के अस्त व खरमास के कारण शादियां नहीं हो पाएंगी । शादी का इंतजार कर रहे लोगों का इंतजार खत्म हो गया है । रविवार को देवउठनी के सात ही मंडपों में शहनाई गूंजने लगी । आज तुलसी विवाह जैसा शुभ मुहूर्त होने के कारण राजधानी सहित अंचल में अनेक शादियां हुई । रामनवमी में श

देवउठनी देवोत्थान एकादशी

आषाढ शुक्ल एकादशी को देव-शयन हो जाने के बाद से प्रारम्भ हुए चातुर्मास का समापन तक शुक्ल एकादशी के दिन देवोत्थान-उत्सव होने पर होता है। इस दिन वैष्णव ही नहीं, स्मार्त श्रद्धालु भी बडी आस्था के साथ व्रत करते हैं।

हिंदू धर्म में एकादशी का व्रत महत्वपूर्ण स्थान रखता है।

Subscribe to RSS - देवउठनी