Submitted by Ajay Tripathi on Fri, 12/09/2011 - 10:51
पित्र या पितृ या पिता का भाव - जन्म कुंडली का नवम भाव बेहद महत्वपूर्ण भाव होता है । यह भाव जहां पिता के सुख, आयु व समृध्दि का कारक है वहीं यह जातक के स्वयं के भाग्य, तरक्की, धर्म, संबधी रूझान को बताता है ।