Submitted by Ajay Tripathi on Fri, 12/23/2011 - 01:41
आज लगभग सभी समाजों ने अपनी संस्थाएं अथवा ट्रस्ट बनाकर पंजीकृत करवा रखे हैं और यदा-कदा शासकीय लाभ लेने में भी पीछे नहीं रहते किन्तु सवाल यह है कि जिस समाज के नाम से संस्था बनी उसके सदस्यों को क्या मिला ? हमने बड़ी - बडी धर्मशालाएं और भवन खड़े कर लिए मदिरों का जीर्णोद्वार अमूमन चलता ही रहता है ।
Submitted by Ajay Tripathi on Thu, 12/22/2011 - 12:11
कांग्रेस पार्टी यह अपेक्षा करती है कि भाजपा अमरनाथ को चुनावी और धर्मनिरपेक्षता का मुद्दा न बनाए । ऐसी ही अपेक्षा अयोध्या को लेकर कांग्रेस ने की थी और काशी मथुरा के लेकर भी कांग्रेस पार्टी क्या भाजपा और संघ परिवार के एजेंडे उसकी सोच राजनीति की रणनीति से पूरी तरह अपरिचित है जो वह ऐसी अपेक्षा करती
Submitted by Ajay Tripathi on Wed, 12/21/2011 - 21:52
वर्तमान परिप्रेक्ष्य में आरक्षण अब तक एक अत्यंत विवाद ग्रस्त मुद्दा बन गया हैं वर्तमान आरक्षण की नीति अब लगभग 60 वर्ष पुरानी होने जा रही है । जब इस नीति को संविधान में शामिल किया जा रहा था, तब उसका विरोध न के बराबर था।