सचमुच ईश्वर की इच्छा के आगे हम सब नतमस्तक हैं। इस दुनिया में जिसने जन्म लिया है उसे काल की खाई में समाना ही होगा। विधाता ने किसी की मृत्यु की तिथि देर से तय की है तो किसी की जल्दी। परन्तु मृत्यु अटल सत्य है। फिर भी हे भगवान, तूने शैलेन्द्र शर्मा को जल्दी ही अपने पास बुला लिया । शायद इसलिए कि ईश्व