होली

होली मिलन समारोह

रायगढ़,ब्राहमण सेवा संघ के तत्वाधान में सर्व-ब्राहमण समाज के प्रतिनिधियो का

विभिन्न शहरों में होली मिलन सम्पन्न

होली का पर्व हिन्दू समाज सहित ब्राह्मणों के लिए सर्वाधिक महत्वपूर्ण त्यौहारों में से एक है । होली मिलन के सार्वजनिक कार्यक्रम विभिन्न शहरों में अलग अलग तरह से हर्षोल्लास के साथ मनाये गये । रायपुर राजधानी में भी छत्तीसगढ़ी ब्राह्मण समाज महिला मंडल सरयूपारीण ब्राह्मण समाज, कान्यकुब्ज ब्राह्मण समाज

होली

जो भक्त परब्रह्मा परमात्मा में दृढ़ निष्ठावान है, उनके आगे प्रकृति अपना नियम बदल लेती है, अग्नि उन्हें जला नहीं सकती , पानी उन्हें डूबा नहीं सकता, हिंसक पशु उसके मित्र बन जाते हैं । समस्त प्रकृति उसकी दासी बन जाती है , उसके अनुकूल बन जाती है इसी को याद दिलाने के लिए यह होली का पवित्र दिन है ।

होली में

नहीं मिलते, जिन्हें हम खोजते फिरते हैं, होली में,

हमारा दिल चुरा कर रख लिया है अपनी चोली में,

नहीं परवाह उन को है क हम पर क्या गुजरती है,

इसे वे बेरहम हंस कर उड़ा देते ठिठोली में,

खबर उन को नहीं शायद कि हम शैतान हैं ऐसे,

होली खुशियों की बोली

होली फिर आई है, हर साल आती है । आम के पेड़ों में बौर लग गए हैं । मौसम रंग बदल रहा है । गुनगुनी धूप के साथ सर्द हवाओं की सरगोशी अपने शबाब पर है । धूल, अंधड़ के साथ एक अलमस्त बयार । चहुंओर मौज का आलम ।

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