Submitted by Ajay Tripathi on Sun, 01/08/2012 - 23:48
होली का पर्व हिन्दू समाज सहित ब्राह्मणों के लिए सर्वाधिक महत्वपूर्ण त्यौहारों में से एक है । होली मिलन के सार्वजनिक कार्यक्रम विभिन्न शहरों में अलग अलग तरह से हर्षोल्लास के साथ मनाये गये । रायपुर राजधानी में भी छत्तीसगढ़ी ब्राह्मण समाज महिला मंडल सरयूपारीण ब्राह्मण समाज, कान्यकुब्ज ब्राह्मण समाज
जो भक्त परब्रह्मा परमात्मा में दृढ़ निष्ठावान है, उनके आगे प्रकृति अपना नियम बदल लेती है, अग्नि उन्हें जला नहीं सकती , पानी उन्हें डूबा नहीं सकता, हिंसक पशु उसके मित्र बन जाते हैं । समस्त प्रकृति उसकी दासी बन जाती है , उसके अनुकूल बन जाती है इसी को याद दिलाने के लिए यह होली का पवित्र दिन है ।
Submitted by Ajay Tripathi on Thu, 12/22/2011 - 07:16
होली फिर आई है, हर साल आती है । आम के पेड़ों में बौर लग गए हैं । मौसम रंग बदल रहा है । गुनगुनी धूप के साथ सर्द हवाओं की सरगोशी अपने शबाब पर है । धूल, अंधड़ के साथ एक अलमस्त बयार । चहुंओर मौज का आलम ।