विप्र

खाण्डल विप्र समाज-खंडेलवाल

महर्षि ऋचिक के पौत्र और जगदग्नि के पुत्र परशुराम ने अपने पिता की आज्ञा से अपनी माता और भाइयों का सिर काट डाला था जिसके प्रायश्चित स्वरूप उन्होंने पैदल ही पृथ्वी का पर्यटन किया। पृथ्वी का परिभ्रमण करने के बाद वे अपने पितामह ऋचिक के आश्रम में गये। कुशल प्रश्न के बाद परशुराम ने अपनी इक्कीस बार की क

विप्र महाकुंभ-2011

विप्र फाउण्डेशन के मुख्य संरक्षक रतन शर्मा द्वारा 21 करोड़ रुपए की धनराशि की फिक्स डिपोजिट विप्र फाउण्डेशन के नाम तथा आगामी विप्र महाकुंभ के राजस्थान में करने की घोषणा के साथ विप्र महाकुंभ-2011 का विधिवत समापन हुआ। देश की राजधानी दिल्ली के छत्तरपुर मंदिर प्रांगण में हजारो विप्रजनों की उपस्थिति मे

नवनिर्वाचित विप्र सासदों का सम्मान समारोह

अखिल भारतीय ब्राह्मण महासंघ एवं ब्राह्मण समाज ऑफ इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में 15 वीं लोकसभा में नवनिर्वाचित विप्र सासदों का सम्मान समारोह 9 जुलाई 2009 को संध्या 6 बजे देहली, कर्नाटका संघ एडिटोरियम राव तुलाराम मार्ग से आर.के. पुरम, नईदिल्ली-22 में आयोजित है ।

सामूहिक उपनयन-14-15 फरवरी को

महासमुन्द जिले के सरायपाली वि.खं.

तीन कविताएं ...

कहीं हम भूल न जाये
इतिहास खुद का
कहीं हम कर न डालें
उपहास खुद का
आनंद शोध का विषय तो
स्वयं विप्र है
कहीं हम खो न दे
विश्वास, खुद का ।

भारत में विप्र आजीविका का साधन – एक चर्चा

भारत में विप्र वैदिक काल से अपने आजीविका का साधन मंदिरों में पुजा-अर्चना जजमानों के लिए पुजा कर खेती एवं शिक्षा दान जैसे कर्मों को परंपरागत रुप से उन्नत करते हुए आगे बढ़ते आ रहे हैं समय के साथ-साथ विप्रों ने अपनी भूमिका का सदैव उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है वह चाहे राजा-महाराजाओं के दरबार में नौ रत्नो

विप्र एकता जिन्दाबाद-जिन्दाबाद !

युवा विप्र संकोच छोड़ो कब तक अपने आप में मशगुल रहोगे समाज के लिए आगे आओ ।

विप्र समुदाय हम काम में आगे रहता है अच्छे कार्य में लगी अन्य समाज के निगाहें हम पर है, टिकी है ।

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