संस्कृत

संस्कृत के विकास से प्राचीन गौरव

संस्कृत भाषा के विकास से ही भारत को विश्वगुरू का प्राचीन गौरव मिलेगा। भारत को अगर अपना प्राचीन गौरव हासिल करना है तो संस्कृत को प्रोत्साहन देना ही होगा। क्योंकि संस्कृत से ही संस्कृति का विकास हुआ है।यह विचार नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री बाबूलाल गौर ने एनआईटीटीटीआर में व्यक्त किए। वे यहाँ अखिल

छ.ग. सरकार की संस्कृत बढ़ाने पहल

संस्कृत विद्यालय की पढ़ने- पढ़ाने की शैली अनूठी है-विनोद शास्त्री

बिलासपुर । श्री निवास संस्कृत महाविद्यालय में कांशी से पधारे हुए संस्कृत के आचार्य पं.

वर्तमान युग में संस्कृत की अनिवार्यता

वर्तमान युग तकनीकी और कम्प्यूटर का युग माना जाता है । आज प्रत्येक व्यक्ति का दृष्टिकोण वैज्ञानिकता से परिपूर्ण है । व्यक्ति का मस्तिष्क नित्य प्रति ऐसे नियमों से आंदोलित रहता है, जो किसी-न-किसी खोज अथवा वैज्ञानिक प्रमाणों का ज्ञान कर सके । अब प्रश्न यह सामने आता है, कि दृष्टिकोण में वैज्ञानिकता क

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