इतिहास

भारत के जन मानस पर तुलसी का अधिकार

गोस्वामी तुलसीदास हिन्दी साहित्य के इतिहास में भक्तिकाल की सगुण भक्ति शाला की राम काव्यधारा के प्रतिनिधि कविके रूप में आदरणीय हैं । तुलसीदास रामचरित मानस जीवन की समग्रता को लेकर चलने वाली एक कालजयी रचना है जिसकी जड़े भारत की धरती में है । मानस आज अत्यधिक लोकप्रिय तथा जन जीवन के सर्वाधिक निकट लक्ष

छत्तीसगढ़ का रामायणकालीन इतिहास

देश का मध्य स्थल छत्तीसगढ़ प्रान्त प्राचीन समय में दक्षिण कोशल के नाम से जाना जाता था । मेखला, सिहावा, रामगिरि, अमरकंटक जैसे विशाल पर्वत श्रेणियों से यह घिरा हुआ है । इसमें चित्रोत्पला (महानदी) , शिवनाथ, इन्द्रावती, हसदो, खारून जैसी नदियां बहती हैं । छत्तीसगढ़ की इस भूमि में दण्डकारण्य जैसे विशाल

ब्राह्मण समाज की दुर्दशा के लिये जिम्मेदार कौन ?

आज ब्राह्मणों की स्थिति बहुत नाजुक हैं । स्वाभिमानी ब्राह्मणों को आज अपना स्वाभिमान बचाना कठिन हो रहा है । परस्पर ईर्ष्या, द्वेष, दंभ, भेदभाव और खोखले अहंकार ने ब्राह्मणों को पतन के कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है ।

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