Submitted by Ajay Tripathi on Thu, 04/05/2012 - 00:36
जागो और जगाओ ब्राम्हण
नव उपदेश सुनाओ ब्राम्हण
तुम हो ब्रम्ह के जाये ब्राम्हण
देव धरा पर लाओ ब्राम्हण
शारदा मा ंका करो आवाहण
गायत्री नई गाओ ब्राम्हण
करो उपासन आरती वन्दन
तांडव नाच नचाओ ब्राम्हण
जन गन मन के तुम हो मुखिया
Submitted by Ajay Tripathi on Tue, 04/03/2012 - 12:49
जयपुर । परशुराम जयंती समारोह पर शोभायात्रा जलेब चौक से निकली । इसमें 1100 महिलाएं समान गणवेश में मंगल कलश धारण कर आगे आगे चल रही थी । राजस्थान विप्र सेवा समिति की ओर से सरोजनी मार्ग स्थित परशुराम आश्रम में महाआरती का आयोजन कर जन कल्याण का संकल्प लिया । लक्ष्मी विलास परिसर बालमुकुंद जी मंदिर म
Submitted by Ajay Tripathi on Tue, 12/20/2011 - 09:01
समाज का नेतृत्व ब्राम्हण समाज करता है।
इसी कड़ी में बिलासपुर मारवाड़ी ब्राम्हण समाज द्वारा मृत्यू भोज बंद करने का निर्णय समाज जानो की अरूचि और अनाज एवं पैसों की बर्बादी रोकने के लिए लिया गया है। समाजिक बदलाव की दृष्टि में यह सराहनीय कदम माना जा रहा है जिसकी प्रशसा की जा रही है। मृत्यु भोज यानी मृत्यु के बाद होने वाला भोज। इसे रोकने के लिए लंबे समय विप्र जनो द्वारा प्रयास किये जा रहे हैं परंतु परंपरा के रूप में चल रहे मृत्यु भोज को रोकना इतना आसान भी नहीं है।