Submitted by Ajay Tripathi on Fri, 12/23/2011 - 06:22
शुभप्रद भौमावस्या 24 फरवरी को है , मंगलवार के दिन अमावस्या का यह योग 54 वर्षों बाद बन रहा है।
इस दुर्लभ संयोग में रूद्र पूजन और रुद्र पाठ का शास्त्रों में विशेष महत्व बताया गया है , विशेष सिध्दि वाला यह दिन रुद्र पूजन के लिये अति उत्तम माना गया है ।
Submitted by Ajay Tripathi on Thu, 12/22/2011 - 13:19
कार्तिक अमावस्या को तारों की छाया में स्नान करने का तथा दीपदान करने का महात्व अमावस्या का जब रवि और चंद्रमा एक राशि पर स्थिर होते है तो उस समय सूर्य चंद्रमा के ठीक सिर पर होता है उस समय चंद्रलोक मे निवास करने वाले पितरों के भोजन का समय अर्थात मध्यान्ह काल होता है अत: अमावस्या के दिन अपरान्ह में ज