कविताएं

अभिमान

मानव में अभिमान भरा ।
मानवता में स्नेह भरा ।
जहाँ भरा है अभिमान ।
वहां पड़ा है अभिशाप ।
जीवन ही के ढाल है ।
हाथ एक तलवार हौ ।
दुनिया बड़ा कमाल है ।
मानव बड़ा जलाल है।
राह बड़ा उद्विग्न है ।
कदम बड़ा कठोर है ।
मानव बड़ा निष्ठुर है

Subscribe to RSS - कविताएं