Submitted by Ajay Tripathi on Sat, 12/24/2011 - 22:25
घर घर मे होगी बन्दूकें
जेबों में बम्ब भरे होंगे,
आकाश से बारूद बरसेगा
खेतों में तीर उगे होंगे ,
नन्हें मुन्हे बच्चों के
हाथों में होंगे हथगोले
झांसी कीरानी की गाथा
फिर से गायेंगे हरबोले
फिर से आयेंगे भगत सिंग